शिक्षा के व्यवसायीकरण पर एनएसयूआई का तीखा विरोध, 4 जुलाई को करेंगे पुतला दहन

शासन-प्रशासन और शिक्षा विभाग पर लगाया संरक्षण देने का आरोप
कवर्धा। प्रदेश के उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा के गृह नगर कवर्धा में खुलेआम हो रहे शिक्षा के व्यवसायीकरण पर राष्ट्रीय छात्र संघ (एनएसयूआई) ने तीखा विरोध जताया है। डीईओ को ज्ञापन सौंपे जाने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने पर एनएसयूआई ने आगामी 4 जुलाई को उप मुख्यमंत्री, स्कूल शिक्षा मंत्री एवं विभाग का पुतला दहन करने का ऐलान किया है।
एनएसयूआई जिलाध्यक्ष शितेष चंद्रवंशी और युवा कांग्रेस के प्रदेश सचिव आकाश केशरवानी ने संयुक्त बयान जारी कर बताया कि जिले में संचालित निजी स्कूल नियमों को ताक पर रखकर शिक्षा के नाम पर कारोबार कर रहे हैं। स्कूली छात्रों के लिए निजी प्रकाशकों की महंगी किताबें, महंगे कपड़ों की अनिवार्य ड्रेस, और फीस वृद्धि जैसे मामलों को लेकर एनएसयूआई ने डीईओ को ज्ञापन सौंपा था और चार दिन का अल्टीमेटम भी दिया था, लेकिन विभाग ने अब तक कोई संज्ञान नहीं लिया।
प्रशासन की चुप्पी से बढ़ा आक्रोश
एनएसयूआई का आरोप है कि निजी स्कूल संचालक कवर्धा नगर में अपने ही स्कूलों की किताबें और गणवेश रिश्तेदारों की बुटिक या अन्य दुकानों से बेच रहे हैं। यहां तक कि कुछ मामलों में हॉस्पिटल से भी पाठ्यसामग्री बेची जा रही है। इन दुकानों से बिना टैक्स और पंजीयन नम्बर की कच्ची रसीदें देकर पालकों से मोटी रकम वसूली जा रही है। “यह सब शासन-प्रशासन और स्कूल शिक्षा विभाग के संरक्षण में हो रहा है”, नेताओं ने कहा।
शिक्षकों पर भी लगे गंभीर आरोप
एनएसयूआई ने यह भी आरोप लगाया कि सरकारी स्कूलों में पदस्थ शिक्षक अब निजी कोचिंग क्लास भी चला रहे हैं और प्रति विषय 4 से 5 हजार रुपये की फीस वसूल रहे हैं। यह सब स्कूलों के बच्चों के नाम पर किया जा रहा है, जिससे सरकारी स्कूलों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है।
एनएसयूआई के पास मौजूद हैं सारे प्रमाण
श्री केशरवानी ने कहा कि उन्होंने डीईओ को उन सभी निजी स्कूलों की सूची साक्ष्य सहित सौंपी है, जो शिक्षा के नाम पर कारोबार चला रहे हैं। किताबों की दुकानें, गणवेश की बिक्री, फीस वृद्धि के बिल, कच्ची रसीदें आदि तमाम प्रमाण डीईओ कार्यालय में दर्ज कराए जा चुके हैं। इसके बावजूद विभागीय चुप्पी यह जाहिर करती है कि पूरे मामले में मिलीभगत है।
4 जुलाई को कवर्धा में उग्र प्रदर्शन
एनएसयूआई ने चेतावनी दी है कि यदि शासन-प्रशासन ने अब भी कोई ठोस कदम नहीं उठाया तो 4 जुलाई को कवर्धा नगर में उप मुख्यमंत्री, स्कूल शिक्षा मंत्री और स्कूल शिक्षा विभाग के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन कर पुतला दहन किया जाएगा। साथ ही एनएसयूआई इस लड़ाई को पालकों और बच्चों के हक के लिए और भी तेज करेगी।
जनता से भी की अपील
एनएसयूआई ने कवर्धा की जनता से अपील की है कि वे इस आंदोलन में साथ दें और बच्चों के भविष्य के साथ किए जा रहे इस व्यापारिक व्यवहार के खिलाफ आवाज़ बुलंद करें। संगठन ने स्पष्ट किया कि जब तक शिक्षा को कारोबार से अलग नहीं किया जाएगा, उनका संघर्ष जारी रहेगा।



